सविंधान का निर्माण- Samvidhan Ka Nirman
आज हम सविंधान निर्माण के बारे में महत्वपूर्ण बाते जानेंगे ,जो की एग्जाम के लिय बहुत आवश्यक है। इस से related प्रश्न एग्जाम में पूछे जाते है। संविधान के निर्माण में संविधान सभा के सभी 389 सदस्यो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई , 26 नवम्बर 1949 को सविधान सभा ने सविंधान को पारित किया गया और इसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था.भारतीय संविधान देश का सर्वोच्च कानून है जो कि देश की रूपरेखा को रेखांकित करता है जो मूल राजनीतिक संहिता साथ ही मौलिक अधिकारों मार्गदर्शक सिद्धांत और नागरिकों के कर्तव्य को चित्रित करता है। यह संविधानिक सर्वोच्चता प्रदान करता है।
संविधान का अर्थ
सविंधान सभा से संबंधीं कुछ महत्वपूर्ण बाते
1 सविंधान सभा के गठन का विचार सबसे पहले 1934 ऍम एन राय ने रखा था। ये वामपंथी आंदोलन के नेता थे।
2 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार सविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से सविंधान सभा के गठन की मांग की गयी।
3 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की और से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की कि स्वतंत्र भारत के सविंधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधारपर चुनी गयी सविंधान सभा द्वारा किआ जाएगा और कोई बहरी हस्तक्षेप नहीं होगा।
नेहरू जी की इस मांग को अंततः ब्रिटिश सरकार ने सैद्धांतिक रूप से मान लिए गया। इसे सन् 1940 के अगस्त प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।
सविंधान से सम्बन्धी कुछ महत्वपूर्ण बाते
* 1906 में दादा भाई नौरोजी ने पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया।
* 1924 में नेहरू जी ने सविंधान सभा की मांग की
* 1934 में ऍम एन रॉय ने सविंधान सभा के गठन का विचार रखा
* 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक रूप से सविंधान सभा के निर्माण की मांग की।
* 1946 कैबिनेट मिस्शन मे सविंधान सभा का मार्ग प्रशस्त किया गया।
* 13 दिसंबर 1946 को पंडित नेहरू जी द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया गया।
* 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। सबसे पहले हस्ताक्षर करने वाले पंडित नेहरू जी थे।
* लगभग 64 लाख रूपए के खर्च के साथ संविधान लागू हुआ था।
* भारतीय संविधान को बनने में 2 साल 11 माह और 18 दिन का समय लगा था।
* भारतीय संविधान विश्व ज है सबसे लम्बा लिखित संविधान है।
* भारतीय संविधान में ज्यादातर प्रावधान दूसरे देखो से लिए गए है इस कारण से इसे Bag of Borrowing भी कहा जाता है।
सविधान निर्माण के समय कब क्या हुआ ?
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी। मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया और पाकिस्तान की मांग पर बल दिया। इसलिए इस बैठक में 211 सदस्यों ने हिस्सा लिया था।
- 9 दिसंबर 1946 को संविधान की प्रथम बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थाई सदस्य चुना गया।
- 11 दिसंबर 1946 को बी एन राव को अपने संवैधानिक कानूनी सलाहकार और एच सी मुखर्जी को उपाध्यक्ष तथा राजेंद्र प्रसाद को अध्यक्ष के रूप में चुना गया था । शुरुआत में कुल मिलाकर 389 सदस्य थे विभाजन के बाद 299 सदस्य थे । 389 सदस्यों में से 292 सदस्य सरकारी प्रांतों में से थे और चार मुख्य आयुक्त प्रांतों से थे और 93 रियासतों से थे।
- 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव को पेश किया। इसमें कुल 8 अनुच्छेद शामिल थे।
- 22 जनवरी 1947 को उद्देश्य प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया और इस पर सबसे पहले हस्ताक्षर करने वाले पंडित नेहरू थे।
- 26 November 1949 सविधान अंतिम रूप से लागू व पारित किया गया।
- 26 जनवरी 1950 को शेष भाग लागू किया गया।
- 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने संविधान को मंजूरी दी .
- 26 जनवरी 1950 को यह प्रभावी हो गया और भारत एक गणतंत्र राज्य के रूप में उभर कर सामने आया। इसी कारण 26 जनवरी को हर वर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।
- मई 1949 को राष्ट्रमंडल में भारत की सदस्य का सत्यापन किया गया
- 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को 3:2 में स्वीकार किया गया।
- 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई।
इसी दिन राष्ट्रगान को स्वीकार किया गया और सर्वप्रथम 27 दिसंबर 1911 को पहली बार कोलकाता अधिवेशन में राष्ट्रगान गाया गया
24 जनवरी 1950 को ही राष्ट्रीय गीत को स्वीकार किया गया और इसी दिन
भारत के डॉ राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने ।
- संविधान को तैयार करने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा।
- संविधान को बनाते टाइम कुल 11 अधिवेशन हुए थे। संविधान निर्माताओं ने लगभग 60 देशों के संविधानो का अवलोकन किया था। संविधान के प्रारूप पर 114 दिन तक विचार किया गया और अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी और प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।
- भारतीय संविधान को लागू करते समय इसमें 395 अनुच्छेद 22 भाग और 28 अनुसूचियां थी।
- वर्तमान में भारतीय संविधान में 448 अनुच्छेद 25 भाग और 12 अनुसूचियां है।


No comments:
Post a Comment